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भारत-ब्रिटेन प्रौद्योगिकी सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि विज्ञान वैश्विक है , तकनीक स्थानीय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत-ब्रिटेन द्विपक्षीय व्यापार पिछले पांच सालों में समान रहा है । भारत, ब्रिटेन में तीसरा सबसे बड़ा निवेशक है। मोदी ने कहा कि Сमेक इन इंडियाТ भारत- ब्रिटेन सहयोग में महत्वपूर्ण कारक होगा ।
पीएम मोदी ने कहा कि ब्रिटेन को रक्षा, विनिर्माण और वैमानिकी जैसे क्षेत्रों में भारत की उदार एफडीआई नीति से फायदा हो सकता है। भारत, ब्रिटेन कई ऐसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, जिनसे व्यापार सीधे प्रभावित होता है। लेकिन हम साथ मिलकर वैज्ञानिक ताकत और प्रौद्योगिकी का लाभ उठा सकते हैं। हमें आवाजाही, शिक्षा और शोध अवसरों में युवाओं की भागीदारी को प्रोत्साहन देना चाहिए।
गौर हो कि ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरीजा मे देर रात यहां अपनी तीन दिवसीय यात्रा पर पहुंची जिसका उद्देश्य व्यापार, निवेश, रक्षा और सुरक्षा के प्रमुख क्षेत्रों में भारत और ब्रिटेन के संबंधों को मजबूत करना है। टेरीजा मे के साथ ब्रिटेन के वरिष्ठ मंत्री और उद्योगपतियों का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल भारत आया है। वह मंगलवार को बेंगलूरू जाएंगी जहां वह कुछ औद्योगिक आयोजनों में शिरकत करेंगी और कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया से भी मुलाकात करेंगी। टेरीजा मे की छह से आठ नवंबर की यह भारत यात्रा जून में हुए ऐतिहासिक ब्रेक्जिट जनमतसंग्रह की पृष्ठभूमि में हो रही है। गौरतलब है कि नयी ब्रिटिश सरकार 28 सदस्यीय यूरोपीय संघ से बाहर के देशों के साथ साझेदारी बढ़ाने की दिशा में काम करेगी।
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