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आतंकी कैंपों के खिलाफ अब PoK से उठी आवाज, स्थानीय लोगों का विरोध-प्रदर्शन

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PoK यानि पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकी कैंपो से परेशान यहां के स्थानीय लोगों का पाकिस्तान के खिलाफ आक्रोश बुरी तरह से भड़क गया है और वहां के स्थानीय लोगों ने आतंकी कैंपो के खिलाफ गिलगित, नीलम घाटी, कोटली, चिनारी सहित कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किया।

इन स्थानीय लोगों का आरोप है कि पाकिस्तान सरकार आतंकियों को VIP ट्रीटमेंट दे रही है जिससे आतंकियों के कारण यहां के लोगों की ज़िंदगी नर्क बन गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्कूलों में छात्रों को दहशतगर्दी सिखाई जा रही है।

इनके खिलाफ बुधवार को प्रदर्शन भी हुए। मुजफ्फराबाद, चिनारी, मीरपुर, दायमर, गिलगित, नीलम और कोटली में रहने वाले लोगों ने आरोप लगाया कि आतंकी ट्रेनिंग कैंपों से जिंदगी जहन्नुम बन गई है।गौरतलब है कि भारत ने को सर्जिकल स्ट्राइक कर एलओसी के पार पीओके में 7 आतंकी कैंपस को ध्वस्त किया था। लेकिन, पाकिस्तान ऐसी किसी भी कार्रवाई से इनकार कर रहा है। बताया जा रहा है कि स्‍थानीय लोगों ने इस बात की पुष्‍टि की थी कि उनके रिहायशी इलाकों में आतंकी प्रशिक्षण शिविरों को लगाया गया है।

खुफिया एजेंसियों के अनुसार, उरी हमले के बाद तमाम आतंकी कैंपों को लश्‍कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्‍मद और हिजबुल मुजाहिद्दीन के प्रशिक्षण केंद्रों को अपनी मौजूदा जगह से हटाकर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में शिफ्ट किया गया है।

पिछले कुछ महीनों से पीओके के कई इलाकों में प्रदर्शन तेज हो गए है। पहले यहां के लोग पाकिस्तान सरकार और आर्मी के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। लेकिन अब ये लोग आतंकियों के खिलाफ भी उठ खड़े हुए हैं।

लोगों ने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी फौज पीओके में ह्यूमन राइट्स का लगातार धज्जियां उड़ा रही हैं। इससे पहले भी गिलगित-बाल्टिस्तान और बलूचिस्तान में पाकिस्तान सरकार और सेना का विरोध हुआ था। हजारों युवाओं ने प्रदर्शन किए, पाक सेना के लिए Сगो बैकТ के नारे लगाए।

खुफिया एजेंसियों के अनुसार, उरी हमले के बाद तमाम आतंकी कैंपों को लश्‍कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्‍मद और हिजबुल मुजाहिद्दीन के प्रशिक्षण केंद्रों को अपनी मौजूदा जगह से हटाकर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में शिफ्ट किया गया है।

पिछले कुछ महीनों से पीओके के कई इलाकों में प्रदर्शन तेज हो गए है। पहले यहां के लोग पाकिस्तान सरकार और आर्मी के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। लेकिन अब ये लोग आतंकियों के खिलाफ भी उठ खड़े हुए हैं।

लोगों ने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी फौज पीओके में ह्यूमन राइट्स का लगातार धज्जियां उड़ा रही हैं। इससे पहले भी गिलगित-बाल्टिस्तान और बलूचिस्तान में पाकिस्तान सरकार और सेना का विरोध हुआ था। हजारों युवाओं ने प्रदर्शन किए, पाक सेना के लिए Сगो बैकТ के नारे लगाए।ये लोग कह रहे हैं कि उनके खिलाफ फोर्स का इस्तेमाल करने या उन्हें परेशान करने का पाकिस्तान सरकार को कोई हक नहीं है। उनका कहना है कि एक पड़ोसी देश के रूप में भारत कहीं अच्छा है। कश्मीर का एक हिस्सा पाकिस्तान के कब्जे में है। इसे PoK के नाम से जाना जाता है।


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