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| सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर जारी बहस के बीच समझा जाता है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों से नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार आतंकी शिविरों पर सैन्य कार्रवाई को लेकर अति उत्साह दिखाने के प्रति सचेत किया। मालूम हो कि सर्जिकल स्ट्राइक की विश्वसनीयता को लेकर चली बहस के दौरान हर कोई बयान देने से बाज नहीं आ रहा है। देश की सुरक्षा और मामले की गंभीरता के मद्देनजर इस तरह की बयानबाजी से सरकार सकते में है। सू़त्रों ने बताया कि कैबिनेट की बैठक के दौरान समझा जाता है कि प्रधानमंत्री ने अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों से कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर केवल अधिकृत व्यक्ति ही बोलें और संदर्भ से हटकर बोलने से बचा जाना चाहिए। मोदी ने ऐसे समय में मंत्रिमंडल के सहयोगियों को सचेत किया है जब ऐसी मांगे उठ रही हैं कि सरकार को पाकिस्तान के दुष्प्रचार अभियान के खिलाफ नियंत्रण रेखा के पार किये गए लक्षित हमले का सबूत पेश करना चाहिए। इस विषय को लेकर बहस शुरू हो गई है कि लक्षित हमले को लेकर सबूत पेश करना चाहिए या नहीं । भाजपा और विशेषज्ञ इसका ब्यौरा जारी करने के खिलाफ हैं। बहरहाल, नियंत्रण रेखा के पार किये गए लक्षित हमले के बारे में जानकारी देने को लेकर कल होने वाली रक्षा मामलों पर संसद की स्थायी समिति की बैठक टालने का निर्णय किया गया है। अब समिति की बैठक 14 अक्तूबर को होगी।
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