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| विदेश सचिव एस जयशंकर ने मंगलवार को पाकिस्तानी उच्चायुक्त अब्दुल बासित को तलब किया और उन्हें उरी हमले के सबूत सौंपे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा कि बैठक के दौरान उरी हमले में मारे गए एक आतंकवादी की पहचान बासित को बताई गई। स्वरूप ने बताया कि शुरुआती जांच के अनुसार आतंकवादी की पहचान हाफिज अहमद के रूप में हुई जो मुजफ्फराबाद (पीओके) का रहने वाला था। जयशंकर ने बासित को बताया कि भारत में चार आतंकवादियों की भारत में घुसपैठ कराने में मदद करने वाले दो गाइडों को स्थानीय लोगों ने पकड़ा और वे दोनों हिरासत में हैं। गाइडों की पहचान फैजल हसनैन (20) और यासीन खुर्शीद (19) के रूप में हुई है और दोनों पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर मुजफ्फराबाद के रहने वाले हैं। विदेश सचिव ने बासित को बताया कि भारत के खिलाफ पाकिस्तान से लगातार आतंकवादी हमले स्वीकार नहीं हैं। गौरतलब है कि उरी हमले के बाद यह दूसरी बार है जब जयशंकर ने बासित को तलब किया है। इसके पहले जयशंकर ने बासित को 22 सितंबर को तलब किया था और उन्हें इस हमले में पाकिस्तान की संलिप्तता के बारे में बताया था। जयशंकर ने बासित को बताया कि मारे गए आतंकवादियों के पास से पाकिस्तान निर्मित वस्तुएं बरामद हुई हैं। जयशंकर ने कहा कि इस्लामाबाद 'सीमा पार से होने वाले इन आतंकवादी हमलों की जांच' यदि करना चाहता है तो भारत उरी और पुंछ हमले में मारे गए आतंकवादियों के फिंगरप्रिंट्स और डीएनए सैंपल उसे देने के लिए तैयार है।
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