|
| मोदी सरकार ने 92 वर्ष पुराने चलन को समाप्त करने का निर्णय करते हुए यह तय किया है कि अब से कोई पृथक रेल बजट नहीं पेश किया जायेगा और इसे आम बजट में ही शामिल किया जायेगा। हालांकि, आम बजट में रेल बजट के विलय के बावजूद रेलवे की कामकाजी स्वायत्ता बनी रहेगी। वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा कि रेलवे की कामकाजी स्वायत्ता बनी रहेगी। रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि यह निर्णय किया गया है कि रेल बजट का विलय आम बजट में किया जायेगा लेकिन रेलवे की विशिष्ट पहचान बनी रहेगी। बजट के विलय के बाद रेलवे को केंद्र सरकार को लाभांश नहीं देना होगा हालांकि उसे राजकोष से सकल बजटीय सहायोग मिलता रहेगा। जहां तक रेलवे कर्मचारियों के वेतन और पेंशन का सवाल है, यह जिम्मेदारी रेलवे की बनी रहेगी क्योंकि इस चलन में कोई बदलाव नहीं होगा। रेल बजट और आम बजट के विलय के लिए रूपेरखा तय करने के लिए गठित एक संयुक्त समिति ने इस महीने के प्रथम सप्ताह में वित्त मंत्रालय को पेश अपनी रिपोर्ट में रेलवे की ओर से लाभांश के भुगतान को छोड़ने समेत कई बदलाव का सुझाव दिये थे । इसमें हालांकि राजकोष से सकल बजटीय सहयोग प्रदान करने के चलन को जारी रखने की बात कही गई थी।
|