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| सोशल नेटवर्किंग प्लेटफार्म व्हाट्स एप ने आज उच्च न्यायालय को बताया कि उपयोगकर्ता का अकाउंट समाप्त होने के बाद व्यक्ति के बारे में सूचना उसके सर्वर पर नहीं रह जाती है। उसने यह सूचना मुख्य न्यायाधीश जी रोहिणी और न्यायमूर्ति संगीता ढींगरा सहगल की पीठ द्वारा पूछे गये इस सवाल के जवाब में दी कि क्या उपयोगकर्ता की सूचनाओं अकाउंट समाप्त होने के बाद बनी रहती हैं। सोशल नेटवर्किंग साइट के इस बयान का याचिकाकर्ताओं ने विरोध किया। याचिकाकर्ताओं ने व्हाट्स एप की नयी निजता नीति का विरोध किया था और कहा कि कंपनी के हलफनामे के अनुसार सूचना को लम्बे समय तक बरकरार रखा जाता है। याचिकाकर्ताओं और सोशल नेटवर्किंग प्लेटफार्म की तरफ से दलीलें सुनने के बाद पीठ ने कहा कि वह 23 सितंबर को अपना आदेश सुनायेगी। याचिकाकर्ता कर्मण्या सिंह सरीन एवं श्रेया सेठी की तरफ से पेश होते हुए वरिष्ठ वकील प्रतिभा एम सिंह ने अदालत को बताया कि जहां व्हाट्स एप ने हलफनामे में दावा किया है कि वह संदेशों को नहीं रखता है। कंपनी ने अपना विरोध उसके इस कथन का विरोधाभासी है कि वह प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए संदेशों को लंबे समय तक रख सकती है। व्हाट्स एप ने 14 सितंबर को उस याचिका का विरोध किया था जिसमें आरोप लगाया गया था कि उसके उपयोगकर्ताओं की निजता को फेसबुक द्वारा घोषित की गयी नयी निजता नीति से खतरा है।
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