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| सरकार ने इंटरनेट प्रसारण को कॉपीराइट कानून के तहत शामिल करने का फैसला किया है। इस कदम से संगीत मनोरंजन उद्योग को फायदा होगा। पूर्व के प्रावधानों के तहत प्रसारण में मुख्य रूप से रेडियो, टीवी आते थे। औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग (डीआईपीपी) ने एक कार्यालय ज्ञापन में कहा है कि धारा 31 डी (कॉपीराइट कानून, 1957) के प्रावधान सिर्फ रेडियो और टेलीविजन प्रसारण तक सीमित नहीं रहेंगे बल्कि इसके तहत इंटरनेट प्रसारण संगठन भी आएंगे। इसमें कहा गया है कि विभिन्न अंशधारकों द्वारा लगातार पूछा जाता रहा है कि क्या इंटरनेट प्रसारण कंपनियां कानून की धारा 31डी के तहत सांविधिक लाइसेंसिंग के दायरे में आती हैं।
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