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26 मिनट में श्रीहरिकोटा से स्पेस पहुंचेंगे सैटेलाइट , ISRO ने तोड़ा अपना रिकॉर्ड

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भारतीय स्पेस एजेंसी इसरो ने बुधवार श्री‍हरिकोटा से एक ही उड़ान में एक साथ 20 सैटेलाइट अंतरिक्ष में लॉन्च कर नया कीर्तिमान रचा है. इसरो के ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान की ये उड़ान सुबह 9 बजकर 26 मिनट पर लॉन्च की गई.

अपनी 36वीं उड़ान में पीएसएलवी-C34 कार्टोसैट-2 श्रृंखला के 727.5 किलो के सैटेलाइट के साथ 19 दूसरे सैटेलाइटों को अंतरिक्ष में लॉन्च किया. इसरो ने 20 सैटेलाइटों को एक साथ लॉन्च करके अपने पहले 10 सैटेलाइटों के लॉन्चिंग के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है.

पीएसएलवी-C34 की लॉन्चिंग सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के दूसरे लॉन्च पैड से श्रीहरिकोटा में की गई. भारतीय समय के अनुसार पीएसएलवी C-34 की लॉन्चिंग 22 जून को सुबह 9 बजकर 26 मिनट पर की गई. पीएसएलवी सी-34 के 20 सैटेलाइटों में से 17 कमर्शियल सैटेलाइट हैं. यानी 17 सैटेलाइट दूसरे देशों के हैं जिन्हें भेजने के लिए इसरो ने उन देशों से फीस ली है. इसके अलावा दो सैटेलाइट देश के दो शिक्षा संस्थानों के हैं. इस लॉन्चिंग में एक सैटेलाइट कॉर्टोसैट 2 सीरीज का इसरो का अपना है.

पीएसएलवी-C34 मिशन की लॉन्चिंग का मुख्य उद्देश्य कॉर्टोसैट 2 सीरीज के 727.5 किलोग्राम वजन का एक सैटेलाइट लॉन्च करना है. कॉर्टोसैट सैटेलाइट इसरो के अपने सैटेलाइट हैं और इन सैटेलाइटों का मुख्य मकसद धरती की हाई रिजॉल्यूशन इमेजरी तैयार करना है. कॉर्टोसैट में खास तरह के कैमरे लगे हैं जो भारत में जमीन पर होने वाले किसी भी वानस्पातिक या भूगर्भीय परिवर्तन को बारीकी से पहचान सकेगा. इस सैटेलाइट के जरिए भारत ये सही सही जान पाएगा कि यहां पर किस तरह के और कितने जंगल हैं.

नदियों के कटाव और पहाड़ों के उत्खनन के बारे में सटीक जानकारी भी इस सैटेलाइट के जरिए मिल पाएगी. कॉर्टोसैट के अलावा पीएसएलवी सी-34 मिशन में 19 सैटेलाइट और लॉन्च किए जा रहे हैं. इसरो के लिए इतने सैटेलाइट एक साथ लॉन्च करना अपने आप में रिकॉर्ड है. इससे पहले इसरो 2008 में 10 सैटेलाइट एक साथ लॉन्च किए थे. इसरो अबतक 57 विदेशी सैटेलाइट अंतरिक्ष में स्थापित कर चुकी है.


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