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स्थानीय निवासियों की मांग को मंजूर करते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने स्वाधीनता संग्राम के अमर शहीद के सम्मान में उनकी अलीराजपुर जिले स्थित जन्मस्थली भाबरा का नाम वर्ष 2011 में बदलकर चंद्रशेखर आजाद नगर कर दिया था। करीब 15,000 की आबादी वाले इस कसबे के लोगो में इसके लिए अति-उत्साह नजर आ रहा है |
गुजरात सीमा से सटे मध्य प्रदेश के इस कस्बे के कई घरों और दुकानों में आपको आजाद की तस्वीर मिल जाएगी जिसकी भगवान की तरह पूजा की जाती है।
चंद्रशेखर आजाद नगर की जिस झोंपड़ी में आजाद करीब 110 साल पहले जन्मे थे, वह लंबे समय तक सरकारी उपेक्षा के कारण बेहद जीर्ण-शीर्ण हो गई है। प्रदेश सरकार ने इस झोंपड़ी की जगह स्मारक का निर्माण कराते हुए इसे 23 जुलाई, 2012 को लोकार्पित किया था। इस स्मारक को "अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद स्मृति मंदिर" नाम दिया गया है जहां आजाद के प्रशंसक श्रद्धा से शीश झुकाते हैं। आजाद का मूल नाम चंद्रशेखर तिवारी था और वह महज 14 साल की उम्र तक अपनी जन्मस्थली भाबरा में रहे थे। इस कस्बे में लड़कपन बिताने के बाद वह वाराणसी की संस्कृत विद्यापीठ में पढ़ने चले गए थे। फिर क्रांतिकारी के रूप में देश की स्वतंत्रता के आंदोलन में कूद गए थे।
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