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जर्मनी के मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूटकी रिसर्च के अनुसार, पहली बार पता लगाया गया है कि उड़ते समय कई पक्षी बाधाओं से टकराये बगैर या आकाश से गिरे बिना ही सो सकते हैं। उड़ने के दौरान पक्षी एक दिन में औसतन 41 मिनट सोते हैं जो कि धरती पर उनके सोने के समय का एक बहुत छोटा सा हिस्सा होता है। हालांकि, उड़ने के समय पक्षी दिमाग के कुछ भाग का ही इस्तेमाल करते हैं।
जर्मनी के मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट के नील्स रैटेनबर्ग ने कई देशों के अपने सहयोगियों की एक टीम के साथ मिलकर फ्रिगेटबड्र्स की मानसिक गतिविधियों का अध्ययन किया और पाया कि वे उड़ते समय एक सेरेब्रल हेमिस्फेयर या एक साथ दोनों सेरेब्रल हेमिस्फेयर के साथ सो सकते हैं।
हालांकि उड़ते समय वे एक घंटा से भी कम सोते हैं, जो धरती पर उनके सोने के समय का एक बहुत छोटा सा हिस्सा होता है। इसका प्रकाशन नेचर कम्युनिकेशन्स जर्नल में हुआ है।
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