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रंगारंग कार्यक्रमों के साथ खेलों के महाकुंभ ओलंपिक का आगाज आज सुबह 4 बजे ब्राजील में रियो डी जेनेरियो के माराकाना स्टेडियम में हो चूका है । भारत की ओर से परेड में 2008 बीजिंग ओलिंपिक के गोल्ड मेडल विजेता निशानेबाज अभिनव बिंद्रा ने राष्ट्रीय ध्वज के साथ भारतीय दल की अगुवाई की। 119 खिलाड़ियों के साथ भारत इस बार अपने सबसे बड़े ओलंपिक दल के साथ दुनिया के इस सबसे बड़े खेल प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहा है।
रियो के मशहूर सांबा नृत्य के साथ ब्राजील के समृद्ध इतिहास और सांस्कृतिक विरासत के भव्य प्रदर्शन के साथ 31वें ओलंपिक खेलों की आधिकारिक शुरुआत हो गयी जिसमें रंगारंग कार्यक्रमों के जरिये दुनिया के लिये सबसे बड़े संकट बन रहे ग्लोबल वार्मिंग (विश्व भर के तापमान में वृद्धि) को लेकर संक्षिप्त लेकिन दमदार संदेश दिया गया। भव्य समारोह में ब्राजील के कलाकारों ने म्यूजिक, थ्रीडी इमेजिंग और लेजर तकनीक का इस्तेमाल कर रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किया। समारोह में करीब 6000 से अधिक वॉलिंटियर्स ने भाग लिया। रियो ओलिंपिक के मार्च पास्ट में ग्रीस ने सबसे पहले एंट्री की। सेरेमनी में 95 नंबर पर भारतीय दल आया।
ब्राजीली आयोजकों ने फुटबॉल के प्रति अपने जुनून को एकतरफ रखकर लगभग 4 घंटे चले उद्घाटन समारोह में जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों की कमी को अपना मुख्य विषय बनाया जिसके साथ 17 दिन तक चलने वाले खेल महाकुंभ की शुरुआत हुई जिसमें भारत और शरणार्थी ओलंपिक टीम सहित 209 देशों के 11,000 से अधिक खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।
ब्राजील के कार्यवाहक राष्ट्रपति माइकल टेमर ने अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के अध्यक्ष थामस बाक और संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख बान की मून की उपस्थिति में दक्षिण अमेरिका में पहली बार हो रहे खेलों के शुरुआत की घोषणा की। टेमर ने कहा, "मैं रियो ओलंपिक और आधुनिक युग के 31वें ओलंपिक खेलों के शुरूआत की घोषणा करता हूं।" मरकाना स्टेडियम से रियो का आकाश आतिशबाजी से नहा रहा था और ऐसे भव्य समारोह में टेमर की घोषणा के साथ-साथ प्रतियोगिता की आधिकारिक शुरुआत भी हो गई।
मरकाना स्टेडियम कई यादगार मुकाबलों का गवाह रहा है लेकिन 78 हजार दर्शकों की क्षमता वाला यह स्टेडियम आज दुनिया को बेहतर बनाने के ब्राजील के प्रयासों का गवाह बना। इससे ओलंपिक से पहले के संकटों को भी दरकिनार करने की कोशिश की गयी जिनमें मेजबान शहर पर जीका वायरस के खतरे, चरमराती अर्थव्यवस्था और खेलों की बहुत अधिक लागत शामिल है।
उद्घाटन समारोह से जुड़े मुख्य अधिकारी ने कहा, "इस ग्रह को नुकसान पहुंचाने से रोकना ही पर्याप्त नहीं है, अब समय आ गया है कि हम इसे परेशानियों से मुक्त करें। यह हमारा ओलंपिक संदेश होगा। पृथ्वीवासियों आओ पेड़ लगाये, आओ इस ग्रह को बचायें।" परपंरा के अनुसार प्राचीन ओलंपिक के जनक यूनान का दल खिलाड़ियों की परेड में सबसे पहले जबकि मेजबान ब्राजील की टीम सबसे आखिर में आयी। सभी देशों ने पुर्तगाली में उनके नाम के अनुसार वर्णमाला क्रम में परेड में हिस्सा लिया।
ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा की अगुवाई में भारत ने 95वें देश के रूप में स्टेडियम में प्रवेश किया। बिंद्रा का यह आखिरी ओलंपिक है और वह भारत के ध्वजवाहक थे। भारत के 118 में से लगभग 70 खिलाड़ियों और 24 अधिकारियों ने मार्च पास्ट में हिस्सा लिया। पुरूष खिलाड़ियों ने गहरे नीले रंग का ब्लैजर और पैंट तथा महिला खिलाड़ियों ने पारपंरिक साड़ी और ब्लैजर पहन रखा था। अपने रिकॉर्ड 7वें ओलंपिक खेलों में भाग ले रहे लिएंडर पेस को दर्शकों का अभिवादन स्वीकार करते हुए देखा गया जबकि महिला खिलाड़ियों में शटलर ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा तथा जिम्नास्ट दीपा करमाकर ने सभी का ध्यान खींचा।
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