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नरसिंह यादव को NADA से मिली क्लीनचिट, PM मोदी को कहा - शुक्रिया, अब होंगे रवाना रियो ओलंपिक के लिए

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डोपिंग मामले में फंसे रेसलर नरसिंह यादव को सोमवार को बड़ी राहत मिली। नाडा ने डोपिंग में फंसे नरसिंह को क्लीनचिट दे दी। नरसिंह ने कहा था कि डोपिंग में फंसाने के लिए उनके खिलाफ साजिश की गई। नरसिंह के इस दावे की जांच के बाद नाडा ने रेसलर को क्लीनचिट दी है। नाडा ने माना है कि नरसिंह के खिलाफ साजिश हुई। नाडा से क्लीनचिट मिल जान के बाद नरसिंह के रियो ओलंपिक जाने का रास्ता साफ हो गया है।
नरसिंह यादव पर प्रतिबंधित दवा लेने का आरोप था। नाडा ने कहा है कि नरसिंह यादव के खाने में मिलावट की गई थी।
 
नाडा की ओर से डोपिंग के आरोपों से बरी किए जाने के बाद राहत महसूस कर रहे नरसिंह यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। जानकारी के अनुसार, इस मामले में सरकार और फेडरेशन की ओर से मिली मदद को लेकर नरसिंह यादव ने पीएम मोदी को शुक्रिया कहा। उन्‍होंने कहा कि मैं प्रधानमंत्री का शुक्रगुजार हूं, जिन्‍होंने न्‍याय पाने में मेरी मदद की, मुझे उम्‍मीद है कि रियो ओलिंपिक में पदक जरूर जीतूंगा। वहीं, प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि नरसिंह देश का नाम रोशन करेंगे, उनसे बिना किसी तनाव के ओलंपिक में भाग लेने के लिए कहा।
 
नाडा ने कहा कि यह पहलवान साजिश का शिकार हुआ और उसे पाक साफ करार किया। नाडा के महानिदेशक नवीन अग्रवाल ने नरसिंह को बरी कर इस पहलवान के भाग्य पर संदेह भी खत्म कर दिया। नरसिंह ने इसके बाद कहा कि यह मेरे जीवन की सबसे कठिन लड़ाई थी। मैं अब इस पूरे प्रकरण को भूलना चाहता हूं और अब मेरा ध्यान सिर्फ ओलंपिक में पदक जीतने पर लगा है। उन्होंने कहा कि पिछले 15 दिन मानसिक रूप से मेरे और मेरे परिवार के लिये काफी कठिन रहे हैं। लेकिन मेरा विश्वास था कि मुझे न्याय मिलेगा और मैं सही था और मैंने कुछ भी गलत नहीं किया था। मैंने कभी भी कुछ नहीं लिया था। मुझे न्याय मिलने का भरोसा था। नरसिंह ने कहा कि यही कारण है कि मैंने अभ्‍यास करना जारी रखा और अपनी ट्रेनिंग नहीं छोड़ी।
 
नरसिंह ने हालांकि कहा कि इस साजिश के पीछे जो भी दोषी हो, उसे सजा मिलनी चाहिए। इस 26 वर्षीय पहलवान ने भारतीय कुश्ती महासंघ, मीडिया और अपने प्रशंसकों का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि मैं खुश हूं और ओलंपिक में पदक जीतने की उम्मीद लगाये हूं। सच्चाई की जीत हुई। यह सुनिश्चित करेगा कि किसी अन्य खिलाड़ी के साथ ऐसा कुछ नहीं हो। मैं डब्ल्यूएफआई से लेकर मीडिया तक और देशवासियों सभी का शुक्रगुजार हूं जिन्होंने मेरे ऊपर भरोसा रखा।
 
नरसिंह के 25 जून को प्रतिबंधित एनाबोलिक स्टेराइड मिथानाडाईनोन का पाजीटिव पाये जाने से शुरू हुए पिछले एक हफ्ते से चले आ रहे इस नाटक के बाद नाडा के महानिदेशक नवीन अग्रवाल ने उसके भाग्य पर संदेह खत्म करते हुए उसे बरी करने का बयान पढ़ा। अग्रवाल ने इस फैसले को पढ़ते हुए कहा कि हमने बीते समय के (दो जून तक) के नमूने को ध्यान में रखा, जिसमें उसका कोई भी नमूना पाजीटिव नहीं पाया गया था। यह बात समझ से बाहर थी कि एक बार यह प्रतिबंधित पदार्थ लेने से क्या फायदा होगा। इसलिये पैनल का मानना था कि एक बार लिया गया पदार्थ "जान बूझकर" नहीं लिया गया था। उन्होंने साथ ही कहा कि पैनल ने माना कि यह एथलीट नाडा की डोपिंग रोधी संहिता की 10.4 धारा के लाभ का हकदार है। यह ध्यान में रखते हुए कि वह साजिश का शिकार हुआ, पैनल ने नाडा के डोपिंग रोधी नियमों के आरोपों से उसे बरी कर दिया। अग्रवाल ने कहा कि पांच जुलाई को लिये गये नमूने में 25 जून को लिये गये नमूने की तुलना में काफी कम प्रतिबंधित पदार्थ था। उन्होंने कहा कि 25 जून को लिये गये नमूने की रिपोर्ट में प्रतिबंधित पदार्थ की जितनी मात्रा पायी गयी थी, वह पांच जुलाई को लिये गये नमूने में काफी कम हो गयी।


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