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उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में एनएच 91 यानी गाजियाबाद-अलीगढ़ हाइवे पर लूटपाट व गैंगरेप की घटना से यूपी सरकार हिली हुयी है। बुलंदशहर में एक महिला और उसकी नाबालिग बच्ची के साथ सनसनीखेज बलात्कार मामले की गूंज आज लोकसभा में भी सुनायी दी और इसे उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था की विफलता का परिणाम बताते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के इस्तीफे की मांग की गयी। हालांकि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस खबर के बाद मामले की सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
लोकसभा में शून्यकाल के दौरान भाजपा के बुलंदशहर से सांसद भोला सिंह ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि कुछ दिन पहले नोएडा से शाहजहांपुर जाते समय एक परिवार को गुंडों द्वारा निशाना बनाया गया और लूटपाट के साथ ही परिवार की महिला तथा नाबालिग बच्ची के साथ बलात्कार किया गया।
उन्होंने कहा कि केवल यही एक घटना नहीं है बल्कि उत्तर प्रदेश में मार्च 2015 से बलात्कार की 2752 और हत्याओं की 1246 घटनाएं हो चुकी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ये सब अपराध प्रदेश सरकार के संरक्षण में हो रहे हैं। भोला सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार के दबाव के वजह से पुलिस प्रशासन अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग की जिसका सदन में मौजूद सपा सदस्यों ने कड़ा विरोध किया।
घटना के बाद आलोचना झेल रही सरकार ने अपने बड़े अधिकारियों पर गाज गिराई है| बुलंदशहर के एसएसपी, एसपी सिटी, सीओ और दो इंस्पेक्टरों को सस्पेंड कर दिया गया है| इस बीच मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आज पीड़ित परिवार से मिल सकते हैं|
इस मामले को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती ने सीएम अखिलेश यादव पर निशाना साधा है| उन्होंने कहा कि यदि नहीं संभाल पा रहे तो इस्तीफा दें|
शुक्रवार की रात नोएडा से शाहजहांपुर जा रहे परिवार को दिल्ली-कोलकाता राष्ट्रीय राजमार्ग पर रोककर 5 आदमियों के समूह ने पहले लूटपाट की और फिर मां-बेटी के साथ सामूहिक बलात्कार किया| बताया जा रहा है कि बदमाशों ने कार में बैठी महिलाओं और पुरुष को हाइवे से कुछ दूर खेत में ले जाकर बंधक बना लिया. इसके बाद इन लोगों ने नकदी समेत जेवर लूट लिए| बाद में मां-बेटी के साथ सामूहिक बलात्कार को भी अंजाम दिया गया|
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