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| एनएसजी यानी न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप की सदस्यता हासिल करने के लिए भारत कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। हाल ही में पांच देशों की विदेश यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मकसद भी इसी संबंध में समर्थन जुटाना था। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जॉन किर्बी के मुताबिक, यूनाइटेड स्टेट्स ने एनएसजी सदस्यों से अपील की है कि संभवतया अगले हफ्ते होने वाली सभी 48 सदस्यों की बैठक में भारत की दावेदारी का समर्थन किया जाए। बकौल किर्बी, हमें नहीं पता कि क्या होने जा रहा है। हम कोई अंदाजा भी नहीं लगाना चाहते, लेकिन यह पूरी तरह सच है कि हमने भारत के आवेदन का समर्थन किया है। हालिया अमेरिका दौरे पर प्रधानमंत्री मोदी ने इस संबंध में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से बात की थी। ओबामा ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत का समर्थन किया था। मालूम हो, इस मसले पर चीन भारत के खिलाफ है। बहरहाल, भारत के लिए अच्छी खबर यह है कि अमेरिका पूरी तरह से मोदी सरकार के साथ है। ताजा घटनाक्रम में अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने एनएसजी सदस्य देशों से अपील की है कि वे भारत के सदस्यता दावे को समर्थन करें।
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