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25 शहरों के बीच सिर्फ 2500 रु. में कर सकेंगे हवाई सफर

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कैबिनेट ने नई एविएशन पॉलिसी को मंजूरी दे दी है। बुधवार को नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। 10 साल पहले इस पॉलिसी का पहला ड्राफ्ट बना था। अब इसे अगले एक महीने में लागू किया जाएगा।

पॉलिसी के तहत पैसेंजर्स से एक घंटे तक के सफर के लिए 2500 रुपए से ज्यादा का किराया नहीं लिया जा सकेगा। इंडिया में अभी 25 शहरों के बीच 18 ऐसे रेगुलर रूट्स हैं, जहां फ्लाइंग टाइम 1 घंटे से कम का है।

मध्य वर्ग के 35 करोड़ लोगों को ये सस्ती सेवा मिल सकेगी। इसके लिए सिर्फ 1.2 फीसदी सर्विस टैक्स लिया जाएगा।हालांकि, पॉलिसी में दी गई राज्यों से जुड़ी 2 शर्तों के चलते सस्ते एयर ट्रैवल का ये फायदा मिलना इतना आसान नही लग रहा है। माना जा रहा है राज्य इन शर्तों को आसानी से नहीं मानेंगे।

उन्हीं राज्यों में 1 घंटे तक के सफर के लिए 2500 रुपए किराए वाली स्कीम लागू होगी, जहां राज्य एटीएफ पर 1 फीसदी या उससे कम वैट ले रहे हैं। 
 2500 और मूल किराए के बीच के डिफरेंस अमाउंट का 20% हिस्सा राज्यों को देना होगा। वहीं, 80% केंद्र सरकार देगी। नार्थ ईस्ट के राज्यों के लिए ये राज्य और केंद्र का रेशियाे 10:90 का है।

पॉलिसी में 30 मिनट के सफर के लिए 1200 रुपए ही किराया वसूलने की बात कही गई है। हालांकि, भारत में कोई भी एयरलाइन्स 30 मिनट या उससे कम के फ्लाइंग टाइम की फ्लाइट ऑपरेट नहीं कर रही है।

अभी इन 18 रूट्स पर पड़ेगा नई पॉलिसी का असर

दिल्ली से 5, मुंबई से 3, कोलकाता, हैदराबाद-बेंगलुरु से 2-2, चेन्नई-इंदौर-कोच्च-पोरबंदर से 1-1

हमारे पैसों से करेंगे एयरलाइन्स के नुकसान की भरपाई

देश-विदेश में फ्लाइट से सफर करने पर अब आपको टिकट के लिए ज्यादा रेट चुकाने होंगे।
सरकार ने एयर टिकट पर 2% एक्स्ट्रा सेस (केवल 700 किमी से ज्यादा दूरी वाली उड़ानों पर) लगा दिया है। हालांकि, 1 घंटे से कम दूरी वाली उड़ानों पर ये फैसला लागू नहीं होगा। 
 टैक्स से मिलने वाले पैसों को रीजनल कनेक्टिविटी फंड में जमा कराया जाएगा।
ये फंड 1 घंटे तक की उड़ान के लिए 2500 रुपए चार्ज लेने से एयरलाइन्स कंपनियों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए बनाया गया है।

लेकिन फ्लाइट कैंसिल होने पर मिलेगा 10 हजार रुपए तक मुआवजा


 उड़ान के 1 घंटे के अंदर फ्लाइट कैंसिल होने पर एयरलाइन्स कंपनी पैसेंजर्स को 5000 रुपए या एक तरफ की उड़ान का बेसिक फेयर+फ्यूल चार्ज (दोनों में से जो कम हो) बतौर मुआवजा देगी। 
 उड़ान के 1 से 2 घंटे के अंदर कैंसिल होने पर 7500 रुपए और इससे पहले कैंसिल होने पर 10 हजार रुपए तक मुआवजा मिलेगा।

 ये सारे रिफंड्स प्रोमो और स्पेशल ऑफर्स सहित सभी किरायों पर लागू होगा।

ओवर बुकिंग होने पर यदि यात्री को बैठने नहीं दिया गया तो एयरलाइंस कंपनी 20 हजार रुपए तक मुआवजा देगी।

300 की जगह लगेगा 100/किलो बैगेज चार्ज

15 किलो बैगेज की फ्री लिमिट के बाद के अगले 5 किलोग्राम पर अब 100 रुपए/किलो चार्ज लगेगा। 
अभी तक ये चार्ज 300 रुपए/किलो था। 20 किलो से बाद एयरलाइन्स कंपनियां बैगेज चार्ज अपने हिसाब से तय कर सकेंगी।

15 दिन में मिलेगा पैसा वापस

टिकट कैंसिल कराने पर अब एयरलाइन्स कंपनियां घरेलू हवाई सफर में 15 दिन और फॉरेन ट्रेवल में 30 दिन के अदंर पैसा रिफंड करेंगी।
 एयरलाइन्स कपनियां पैसेंजर्स से टिकट कैंसिलेशन चार्ज के तौर पर 200 रुपए से ज्यादा नहीं वसूल सकेंगी।

विस्तारा और एयर एशिया से भी कर सकेंगे विदेशी सफर

नई पॉलिसी में सरकार ने 5/20 नियम को बदलकर 0/20 कर दिया है। 

अभी तक कोई कंपनी तभी इंटरनेशनल फ्लाइट की सर्विसेज दे सकती थी, जब वह कम से कम डोमेस्टिक मार्केट में 5 साल से ऑपरेशनल हो। साथ ही उसके पास कम से कम 20 एयरक्राफ्ट का फ्लीट हो। 

नई एविएशन पॉलिसी में इंटरनेशन फ्लाइट का ऑपरेशन शुरू करना आसान कर दिया गया है।

नई पॉलिसी में 5 साल की शर्त खत्म कर दी गई है। इसका फायदा विस्तारा और एयरएशिया जैसी कंपनियों को मिलेगा।

यानी 20 एयरक्राफ्ट होने पर डोमेस्टिक मार्केट में बिना किसी एक्सपीरियंस के भी कंपनियां सीधे इंटरनेशनल फ्लाइट्स शुरू कर सकेंगी।


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