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बिहार टॉपर स्कैम: इंटरमीडिएट के जाली सर्टिफिकेट 5 लाख रुपए में बिक रहे थे

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बिहार टॉपर स्कैम में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। एसआईटी को अपनी जांच में पता चला है कि राज्य में इंटरमीडिएट के जाली सर्टिफिकेट पांच लाख रुपए में बेचे जा रहे थे। मंगलवार को एसआईटी ने कई जगह छापे मारे और इस मामले की सबूत जुटाए।

इंटरटॉपर घोटाले की जांच में लगी एसआईटी की छापेमारी लगातार आठवें दिन मंगलवार को भी जारी रही। इस कड़ी में दो अलग-अलग टीमों ने राजधानी में गंगा देवी महिला कॉलेज आैर हाजीपुर में वीआर कॉलेज को फिर खंगाला। 
टॉपर घोटाला के तार पूर्व चेयरमैन की पत्नी प्रो. उषा सिंहा से जुड़ने के बाद गंगा देवी कॉलेज में सबूतों की तलाश की जा रही है। प्रो. उषा गंगा देवी कॉलेज की प्रिंसिपल हैं। 
एसआईटी चीफ (एसएसपी) मनु महाराज के मुताबिक दोनों कॉलेजों से कई तरह के कागजात बरामद करके तहकीकात की जा रही है। 
 इधर गंगा देवी महिला कॉलेज के इम्प्लॉई देव नारायण से पुलिस ने लगातार दूसरे दिन भी पूछताछ की। उससे मिली जानकारी को परखा जा रहा है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, छापे के दौरान एसआईटी ने एक शख्स को हिरासत में लिया था। इस शख्स ने पूछताछ में बताया कि इंटरमीडिएट का जाली सर्टिफिकेट पांच लाख रुपए में बेचा जाता था।

एग्जाम देने की भी जरूरत नहीं

एक अंग्रेजी अखबार ने एसआईटी के सूत्रों के हवाले से इंटरमीडिएट के जाली सर्टिफिकेट्स के बारे में खुलासा किया है। 
रिपोर्ट के मुताबिक, जिस शख्स को सोमवार रात हिरासत में लिया गया था, उसने कई बातें एसआईटी को बताई हैं। 
 इस शख्स ने बताया है कि स्कैम में शामिल लोग पांच लाख रुपए लेकर उन लोगों को भी इंटरमीडिएट के जाली सर्टिफिकेट मुहैया करा देते थे जिन्होंने एग्जाम ही नहीं दिया था और यहां तक कि वो किसी कॉलेज के स्टूडेंट्स भी नहीं थे। 
 इस शख्स से मिली जानकारी के बाद अब एक पुलिस टीम औरंगाबाद गई है। हालांकि कई जगहों पर छापे मारने के बाद भी एसआईटी अब तक बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड यानी बीएसईबी के चेयरमैन लालकेश्वर प्रसाद सिंह और उसकी पत्नी को पकड़ नहीं पाई है। लालकेश्वर की पत्नी ऊषा सिंह जेडीयू की पूर्व एमएलए और जीडीएमसी कॉलेज की प्रिंसीपल है। 
 हैरानी की बात ये भी है कि एसआईटी को इन दोनों के खिलाफ अभी तक गिरफ्तारी वारंट भी हासिल नहीं हुए हैं जबकि इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज किए एक हफ्ता हो गया है। 
पुलिस ने विशुन राय कॉलेज के डायरेक्टर बच्चा राय के खिलाफ पुलिस रिमांड मांगा है। उसे शनिवार को गिरफ्तार किया गया था।

750 स्कूल और 462 इंटर कॉलेजों में टीचर्स, बिल्डिंग, फर्नीचर सभी की होगी जांच

इंटर टॉपर्स घोटाला की भारी बदनामी और फजीहत के बाद बिहार सरकार ने 750 प्लस टू स्कूल तथा 462 निजी इंटर कॉलेजों की जांच कराने का फैसला किया है। 
जांच के लिए सभी डीएम, एसपी और डीईओ को जिम्मेदार बनाया गया है। जिन 750 प्लस टू स्कूल की जांच होनी है, वहां इंटर की पढ़ाई होती है। इन्हें अपग्रेड किया गया है। 
 इसी तरह 462 निजी इंटर कॉलेजों की भी जांच होनी है। इनके बिल्डिंग, फर्नीचर, छात्र, शिक्षक यानी सबकुछ जांचे जाएंगे। 
सरकार जानना चाहती है कि वाकई इन संस्थानों में पढ़ाई होती है या ये बस फर्जी सर्टिफिकेट या डिग्री देने का काउंटर भर हैं?
 
बिहार बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष लालकेश्वर प्रसाद सिंह अब तक लापता हैं।
इंटर टॉपर घोटाले की जांच में सुलगते सवालों के बीच राजधानी के गलियारों से अचानक गायब हुए लालकेश्वर फिलहाल एसआईटी को छकाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। 
पूर्व अध्यक्ष की पत्नी और गंगा देवी महिला कॉलेज की प्रिंसिपल की तलाश में भी पुलिस हाथ-पैर मार रही है। 
दरअसल 6 जून की आधी रात को कोतवाली में टॉपर घोटाला की एफआईआर दर्ज होने के बाद 7 जून की दोपहर से रात तक लालकेश्वर से पुलिस ने छह घंटे तक पूछताछ की।


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