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| मार्क जुकरबर्ग ने पहली बार फेसबुक पर अपने फैन्स और यूजर्स के साथ Live वीडियो सेशन किया। एक घंटे के सेशन में उन्होंने सोशल मीडिया, कनेक्टिविटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी, वर्चुअल रिएयलिटी और इंटरनेट के पावर जैसे कई सवालों के जवाब दिए। उन्होंने कहा- "सोशल मीडिया ह्युमैनिटी से जुड़ी दिक्क्तों के हल खोज सकता है और दुनिया में अमन कायम में मदद कर सकता है। यह पहला मौका था जब जुकरबर्ग ने अपने फैन्स और यूजर्स के साथ सवाल- जवाब का वीडियो सेशन रखा।
जयपुर के एक शख्स ने कनेक्टिविटी पर और कानपुर से एक यूजर ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी (एआई) और वर्चुअल रिएयलिटी (वीआर) पर सवाल पूछे।
1. सोशल मीडिया लोगों को जोड़ने और शांति के लिए काम करेगा?
जुकरबर्ग:यह उन चीजों में से एक है जिसे हमने पाया और इसके लिए मैं हमारी कम्युनिटी पर गर्व करता हूं। दुनिया में कहीं भी आपदा आए, हम हमेशा एक होने के तरीके खोजते हैं। नेपाल में भूकंप के समय हम सबने विक्टिम्स की मदद के लिए पैसे जुटाए। पिछले हफ्ते भी ऐसा ही देखा गया। ऑरलैंडो की घटना के बाद भी ऐसा ही हुआ। कई लोगों ने इस फायरिंग में शिकार हुए लोगों के लिए सपोर्ट दिखाया। जयपुर के एक शख्स के कनेक्टिविटी पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा- " हम लोगों को जोड़ने के लिए काम कर रहे हैं, उन्हें शेयर करने का पावर दे रहे हैं। अगर मैं फिर से फेसबुक को शुरू करता, तो फेसबुक बिलकुल अलग सोचेगा।"
"मैं फेसबुक को एक वेबसाइट की तरह शुरू नहीं करूंगा। यदि आप मुझे जंगल के बीच में या रेगिस्तान के बीच में छोड़ दें। मैं वहां से निकलने की जगह, मैं फिर भी लोगों को जोड़ने के बारे में फोकस करूंगा। यह मैटर नहीं करता कि स्थिति क्या है?У
2. फेसबुक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी (एआई) और वर्चुअल रिएयलिटी (वीआर) टेक्नोलॉजी को लेकर क्या सोचता है?
जुकरबर्ग:फेसबुक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी (एआई) और वर्चुअल रिएयलिटी (वीआर) टेक्नोलॉजी पर काम कर रही है। हम इस एक्सपीरिएंस को और रियल बनाना चाहते हैं ताकि लोग फील कर सकें कि दूसरों ने क्या शेयर किया है। हम उस टेक्नोलॉजी पर काम कर रहे हैं जो ब्लाइंड लोगों के लिए मददगार हो। ये लोग भी फेसबुक पर फोटो शेयर कर सकें और महसूस कर सकें। एआई और वीआर सब्जेकट्स पर कानपुर के एक यूजर्स के सवाल पर उन्होंने कहा- " वीआर और एआई टेक्नोलॉजी इनोवेशन का अंत नहीं है।" " वीआर एक ऐसी दुनिया है, जहां आप विचारों को कैप्चर कर सकते हैं। कई क्रेजी ब्रेन रिसर्च चल रहे हैं, जहां आप कई तरह की एक्टिविटी करते हुए किसी भी शख्स की एमआईआर ले सकते हैं।" " आप यह बता सकते हैं कि वो क्या सोच रहा है। अभी इस टेक्नोलॉजी को आने में कई साल लगेंगे।" 3. फेसबुक चार्जेबल होगा? जुकरबर्ग: ऐसा कभी नहीं होगा। यह सर्विस हमेशा फ्री में मिलेगी। 4. आपके लिए पर्सनलाइज्ड एजुकेशन कितनी अहम है। जुकरबर्ग:एजुकेशन एक ऐसी फील्ड है जिस पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। मेरा मानना है कि उसमें पर्सनलाइज्ड एजुकेशन और भी असरदार है। यह लोगों को गेम्स, वीडियो और दूसरी इंट्रैक्टिव तरीकों से सिखाती है। लोग पर्सनलाइज्ड एजुकेशन के जरिए 50% ज्यादा सीखे सकते हैं। 5. क्या यूजर्स भविष्य में इमोशन को महसूस कर पाएंगे?
जुकरबर्ग: हो सकता है। यह अभी विचार है कि लोग जो सोचते हैं, वो ठीक वही पोस्ट कर सकें। यह आइडिया अभी साइंस फिक्शन सा लग सकता है। लेकिन, रिसर्च रिपोर्ट कहती हैं कि भविष्य में यह सच हो सकता है। 6. फेसबुक में इन्फॉर्मेशन को स्टोर करने वाला फीचर कब आएगा? (यह सबसे ज्यादा लाइक्स पाने वाला और टॉप वोटेड सवाल था।) जुकरबर्ग: फेसबुक पहले से ही इस तरह के फीचर्स पर काम कर रहा है। इसके अलावा ग्रुप्स बनाने के फीचर्स को भी डिजाइन किया जा रहा है। बता दें कि फेसबुक स्टोर फीचर्स को लॉन्च करने वाला है। जहां यूजर्स पोस्ट को स्टोर करने के साथ दूसरी इन्फॉर्मेशन को स्टोर कर पाएगा।
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